क्या बुद्धिमान हो तुम? (my 1st poem in Hindi)
गुस्सा तो हर कोई हो सकता हैं, खुद पे अगर नियंत्रण हैं तो बुद्धिमान हो तुम
मज़ाक उड़ाना तो आसान हैं, खुद पे मज़ाक लेने की क्षमता भी रखते हो तो बुद्धिमान हो तुम
केवल खुद का सोचोगे तो खुश नही रह पाओगे, सबके भले का सोचोगे तो बुद्धिमान हो तुम
अपने बल का प्रयोग खुद को सही साबित करने में नहीं, किसी की मदत करने में करो, तो बुद्धिमान हो तुम
क्रोध में चिल्लाना क्या बड़ी बात हैं? संयम से किसी को समझा सको तो बुद्धिमान हो तुम
दूसरो का बुरा सोचोगे, तो तुम्हारा भी बुरा होगा, यह जान लिया तो बुद्धिमान हो तुम
सबको अपने काबू में रखने की सोच बेवकूफी हैं, खुदके विचारों को काबू में रख पाओ तो बुद्धिमान हो तुम!
- योगेंद्र भोंसले
मज़ाक उड़ाना तो आसान हैं, खुद पे मज़ाक लेने की क्षमता भी रखते हो तो बुद्धिमान हो तुम
केवल खुद का सोचोगे तो खुश नही रह पाओगे, सबके भले का सोचोगे तो बुद्धिमान हो तुम
अपने बल का प्रयोग खुद को सही साबित करने में नहीं, किसी की मदत करने में करो, तो बुद्धिमान हो तुम
क्रोध में चिल्लाना क्या बड़ी बात हैं? संयम से किसी को समझा सको तो बुद्धिमान हो तुम
दूसरो का बुरा सोचोगे, तो तुम्हारा भी बुरा होगा, यह जान लिया तो बुद्धिमान हो तुम
सबको अपने काबू में रखने की सोच बेवकूफी हैं, खुदके विचारों को काबू में रख पाओ तो बुद्धिमान हो तुम!
- योगेंद्र भोंसले

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